Champawat News: उत्तराखंड के चंपावत जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को चंपावत जिला अस्पताल में स्थापित ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट का वर्चुअल उद्घाटन किया। करीब 50 लाख रुपये की लागत से तैयार की गई यह सुविधा जिले के किसी जिला अस्पताल में अपनी तरह की पहली यूनिट है।
नई सुविधा शुरू होने के बाद आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को आवश्यक रक्त घटकों के लिए दूसरे जिलों के अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इससे गंभीर मरीजों के इलाज में समय की बचत होने और आपात स्थिति में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने की उम्मीद है।
चंपावत में पहली बार जिला अस्पताल में मिली सुविधा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उद्घाटन कार्यक्रम को वर्चुअली संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करना शामिल है। उन्होंने कहा कि चंपावत को आदर्श जिला बनाने के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास पर लगातार काम किया जा रहा है।
राज्य सरकार के अनुसार, कुमाऊं मंडल के जिला अस्पतालों में इससे पहले इस तरह की सुविधा रुद्रपुर और पिथौरागढ़ में उपलब्ध थी। अब चंपावत जिला अस्पताल में भी ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट शुरू होने से स्थानीय लोगों को इसका लाभ मिलेगा।
क्या है ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट?
ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट की मदद से दान किए गए रक्त को अलग-अलग आवश्यक घटकों में विभाजित किया जा सकता है। जरूरत के अनुसार मरीज को रक्त के संबंधित घटक उपलब्ध कराए जा सकते हैं।
आपातकालीन स्थिति में यह सुविधा बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। खासकर ऐसे मरीजों के लिए जिन्हें तत्काल रक्त या उसके किसी विशेष घटक की जरूरत होती है। चंपावत में यह सुविधा उपलब्ध होने से मरीजों को रक्त संबंधी आवश्यकताओं के लिए दूसरे जिलों की ओर रेफर किए जाने की जरूरत कम हो सकती है।
जिला अस्पताल में बढ़ रही स्वास्थ्य सुविधाएं
चंपावत जिला अस्पताल में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट के अलावा कई अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं को भी विकसित किया जा रहा है। अस्पताल में करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से 50 बेड का क्रिटिकल केयर ब्लॉक तैयार किया गया है।
इसके साथ ही अस्पताल में CT Scan, MRI और डायलिसिस यूनिट जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। अस्पताल परिसर में करीब 11.71 करोड़ रुपये के निर्माण कार्य भी चल रहे हैं। इस परियोजना में लोअर ग्राउंड फ्लोर पर पार्किंग और ऊपरी मंजिलों पर डायग्नोस्टिक विंग तथा ऑपरेशन थिएटर विकसित किए जा रहे हैं।
चंपावत के विकास पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ चंपावत में सड़क, पार्किंग, ड्रेनेज, बिजली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं को भी मजबूत करने पर काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि जिले में कई मोटर मार्गों का निर्माण और चौड़ीकरण किया जा रहा है। यातायात की समस्या को देखते हुए आधुनिक पार्किंग सुविधाओं पर भी काम किया जा रहा है।
चंपावत रोडवेज स्टेशन पर 62 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बहुमंजिला पार्किंग और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स विकसित किए जाने की योजना है। इसके अलावा मां पूर्णागिरि धाम, रीठा साहिब और टूरिस्ट रेस्ट हाउस जैसे प्रमुख स्थानों पर भी पार्किंग सुविधाएं विकसित की गई हैं।
66 करोड़ से अधिक की लागत से बनेगा आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम
मुख्यमंत्री के अनुसार, चंपावत शहर में 66 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही भूमिगत बिजली लाइनों पर भी काम चल रहा है।
जिले की पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 240 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं पर काम किए जाने की जानकारी दी गई है।
युवाओं के लिए भी विकसित होंगे नए अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि चंपावत को स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में एक मॉडल जिले के रूप में विकसित करने का लक्ष्य है। जिले में साइंस सेंटर, महिला स्पोर्ट्स कॉलेज और आधुनिक ISBT जैसी परियोजनाएं भी प्रस्तावित हैं।
सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ-साथ युवाओं के लिए रोजगार और नए अवसर भी पैदा होंगे।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया महत्वपूर्ण कदम
उत्तराखंड के स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक, सुलभ और जन-केंद्रित बनाने के लिए काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि चंपावत जिला अस्पताल में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट शुरू होने से गंभीर और आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को जरूरी रक्त घटक स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगे। इससे इलाज में लगने वाला समय कम करने और जिले की आपातकालीन स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
