उत्तराखंड ताइक्वांडो खिलाड़ी मामला: हाल ही में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम के दौरान एक ताइक्वांडो खिलाड़ी द्वारा आर्थिक सहायता की मांग का मामला चर्चा में आया था। अब इस पूरे मामले पर उत्तराखंड सरकार ने अपनी ओर से स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा है कि इसे सरकारी अधिकारी द्वारा रिश्वत मांगने का मामला बताना सही नहीं है।
युवा संवाद में खिलाड़ी ने रखी थी आर्थिक सहायता की मांग
सरकार के अनुसार, सीएनआई गर्ल्स स्कूल की एक छात्रा ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए करीब 1.5 लाख रुपये की आवश्यकता का मुद्दा उठाया था।
सरकार ने बताया कि छात्रा ताइक्वांडो काउंसिल ऑफ इंडिया नामक एक निजी संस्था के माध्यम से प्रशिक्षण ले रही थी और उसी संस्था के जरिए उसका चयन अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए हुआ था।

प्रतियोगिता का खर्च 3.70 लाख रुपये बताया गया
सरकार के स्पष्टीकरण के मुताबिक प्रतियोगिता में भाग लेने और यात्रा सहित कुल खर्च करीब 3.70 लाख रुपये था। इसमें निजी संस्था ने लगभग 1.70 लाख रुपये खर्च वहन करने का आश्वासन दिया था, जबकि शेष 1.50 से 1.60 लाख रुपये छात्रा को स्वयं जुटाने थे।
सरकार का कहना है कि छात्रा की मांग इसी शेष राशि की व्यवस्था को लेकर थी।
सरकार ने रिश्वत मांगने के आरोपों से किया इनकार
सरकार ने स्पष्ट किया कि इस मामले का किसी सरकारी अधिकारी द्वारा पैसे मांगने या किसी सरकारी चयन प्रक्रिया से कोई संबंध नहीं है। यह पूरी तरह निजी संस्था के माध्यम से आयोजित प्रतियोगिता में भाग लेने से जुड़े खर्च का विषय था।
सरकार का कहना है कि युवा संवाद के दौरान सीमित समय होने की वजह से छात्रा पूरी बात विस्तार से नहीं बता सकी, जिससे मामले को लेकर भ्रम की स्थिति बन गई।
अधूरी जानकारी के आधार पर विवाद फैलाने का आरोप
सरकार ने कहा कि कुछ राजनीतिक लोगों द्वारा अधूरी जानकारी के आधार पर इस मामले को रिश्वत मांगने के रूप में पेश किया गया। सरकार ने कहा कि छात्रा की प्रतिभा और उसकी चिंताओं का पूरा सम्मान किया जाना चाहिए, लेकिन गलत तथ्यों के आधार पर मामले को राजनीतिक रूप देना उचित नहीं है।
सरकार ने एक बार फिर दोहराया कि यह मामला निजी संस्था द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए आवश्यक खर्च से जुड़ा था। इसमें किसी सरकारी अधिकारी द्वारा रिश्वत मांगने या सरकारी चयन प्रक्रिया से जुड़ा कोई मामला नहीं था।
