देहरादून, 2 सितंबर 2026। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) ने बुधवार को महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण को लेकर राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। देहरादून में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ उन्हें आगे बढ़ने के लिए बेहतर माहौल भी मिले।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में बनाए गए कानून और उठाए जा रहे कदम महिलाओं को सुरक्षित वातावरण देने के साथ उनके सशक्तिकरण की दिशा में भी काम कर रहे हैं।
महिलाओं की सुरक्षा के साथ सशक्तिकरण पर भी जोर
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उनके अनुसार केवल सुरक्षा सुनिश्चित करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए भी जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों और कानूनों का उद्देश्य महिलाओं के लिए ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहां वे बिना किसी डर के आगे बढ़ सकें और अपनी क्षमता के अनुसार शिक्षा, रोजगार तथा अन्य क्षेत्रों में अवसर हासिल कर सकें।
मुख्यमंत्री के इस बयान को राज्य में महिला सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण को लेकर सरकार की नीति के रूप में देखा जा रहा है।
अग्निवीरों की मदद के लिए बनाया गया Dedicated Agniveer Cell
बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड में बनाए गए Dedicated Agniveer Cell का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि यह सेल उन अग्निवीरों की मदद के लिए बनाया गया है, जो अपनी सैन्य सेवा पूरी करने के बाद वापस नागरिक जीवन में लौटेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब अग्निवीरों का पहला बैच सेवा पूरी करके वापस आएगा, तब सरकार की कोशिश होगी कि उन्हें जरूरत के अनुसार हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए। इसमें उनकी योग्यता और क्षमता के अनुरूप रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर भी ध्यान दिया जाएगा।
यह पहल उत्तराखंड जैसे सैन्य परंपरा वाले राज्य के लिए खास महत्व रखती है, जहां बड़ी संख्या में परिवारों का संबंध सेना से रहा है।
सेवा पूरी करने के बाद रोजगार में मदद का प्रयास
अग्निपथ योजना के तहत युवाओं को चार वर्ष की अवधि के लिए सशस्त्र सेनाओं में अग्निवीर के रूप में भर्ती किया जाता है। योजना के तहत प्रत्येक बैच के अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित सैन्य सेवा के लिए बनाए रखने का प्रावधान है, जबकि बाकी अग्निवीरों को अपनी निर्धारित सेवा अवधि पूरी करने के बाद नागरिक क्षेत्र में करियर बनाना होता है।
ऐसे में सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों के लिए आगे रोजगार और करियर के अवसर महत्वपूर्ण विषय बन जाते हैं। उत्तराखंड सरकार द्वारा Dedicated Agniveer Cell की स्थापना इसी दिशा में सहायता उपलब्ध कराने की पहल के तौर पर सामने आई है।
उत्तराखंड में अग्निवीरों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह पहल?
उत्तराखंड की पहचान देश के सैन्य योगदान वाले राज्यों में होती है। पहाड़ी क्षेत्रों के अनेक परिवारों में सेना में सेवा की परंपरा रही है। ऐसे में अग्निपथ योजना के तहत सेवा पूरी करने वाले युवाओं को आगे के करियर में सहायता उपलब्ध कराना राज्य के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
Dedicated Agniveer Cell के माध्यम से अग्निवीरों को उनकी जरूरत और योग्यता के अनुसार रोजगार तथा अन्य उपलब्ध अवसरों की जानकारी और सहायता देने की कोशिश की जाएगी।
हालांकि, सेल के माध्यम से किस प्रकार की सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी और अलग-अलग क्षेत्रों में रोजगार को लेकर क्या व्यवस्था होगी, इसकी विस्तृत जानकारी इस बयान में सामने नहीं आई है।
महिला सुरक्षा और अग्निवीरों पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री धामी के बुधवार के बयान में राज्य सरकार की दो अलग लेकिन महत्वपूर्ण प्राथमिकताएं सामने आईं। एक ओर सरकार महिलाओं की सुरक्षा के साथ उनके सशक्तिकरण पर जोर दे रही है, वहीं दूसरी ओर सैन्य सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों के भविष्य को लेकर सहायता उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
महिलाओं को सुरक्षित और बेहतर अवसर देने तथा अग्निवीरों को सेवा के बाद नागरिक जीवन में आगे बढ़ने में मदद करने की ये दोनों पहल राज्य की सामाजिक और रोजगार संबंधी नीतियों से जुड़ी हुई हैं।
