चेन्नई: भारत के एनर्जी सेक्टर में नई तकनीकों और स्टार्टअप इनोवेशन को बढ़ावा देने की दिशा में एक नई पहल शुरू की गई है। ONGC समर्थित MC²+ Ignite को 19 अगस्त 2026 को IIT Madras में लॉन्च किया गया। यह नया एनर्जी इनोवेशन एक्सेलरेटर खास तौर पर डीप-टेक स्टार्टअप्स को तकनीक विकसित करने, उसका परीक्षण करने और उसे व्यावसायिक स्तर तक पहुंचाने में मदद करेगा।
कार्यक्रम के तहत करीब 30 स्टार्टअप्स का चयन किया जाएगा। चयनित स्टार्टअप्स को उनके प्रोजेक्ट की प्रगति और तय माइलस्टोन के आधार पर ₹2 करोड़ तक की कन्वर्टिबल फंडिंग मिल सकती है।
एनर्जी सेक्टर में डीप-टेक इनोवेशन पर फोकस
MC²+ Ignite का मुख्य उद्देश्य ऐसी तकनीकों को बढ़ावा देना है, जो भारत की ऊर्जा जरूरतों और भविष्य की चुनौतियों का समाधान करने में मदद कर सकें।
कार्यक्रम के जरिए स्टार्टअप्स को केवल वित्तीय सहायता ही नहीं मिलेगी, बल्कि उन्हें तकनीकी विशेषज्ञता, रिसर्च सुविधाओं और इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के साथ काम करने का अवसर भी दिया जाएगा।
इससे शुरुआती स्तर पर विकसित की गई तकनीकों को वास्तविक परिस्थितियों में टेस्ट करने और आगे कमर्शियल इस्तेमाल के लिए तैयार करने में मदद मिल सकती है।
30 स्टार्टअप्स का होगा चयन
MC²+ Ignite के लिए करीब 30 डीप-टेक स्टार्टअप्स चुने जाने हैं। चयनित कंपनियों को उनके डेवलपमेंट स्टेज और तय लक्ष्यों के आधार पर सहायता प्रदान की जाएगी।
कार्यक्रम की एक खास बात इसका milestone-linked funding model है। यानी फंडिंग स्टार्टअप की प्रगति और तय माइलस्टोन हासिल करने से जुड़ी होगी।
चयनित स्टार्टअप्स को अधिकतम ₹2 करोड़ तक की convertible funding मिलने का प्रावधान है।
सिर्फ फंडिंग नहीं, पायलट प्रोजेक्ट का भी मौका
MC²+ Ignite को पारंपरिक स्टार्टअप फंडिंग कार्यक्रम से अलग बनाने वाला एक महत्वपूर्ण पहलू इसका इंडस्ट्री-कनेक्ट मॉडल है।
स्टार्टअप्स को:
- इंडस्ट्री विशेषज्ञों से मार्गदर्शन
- R&D इंफ्रास्ट्रक्चर तक पहुंच
- तकनीकी विशेषज्ञता
- निवेश और पूंजी से जुड़ने के अवसर
- वास्तविक परिस्थितियों में पायलट प्रोजेक्ट
- अपनी तकनीक को कमर्शियल डिप्लॉयमेंट की दिशा में आगे बढ़ाने का अवसर
मिल सकता है।
इस तरह कार्यक्रम का फोकस केवल आइडिया को फंड करने के बजाय उसे लैब से वास्तविक ऊर्जा क्षेत्र तक पहुंचाने पर है।
31 अगस्त तक कर सकते हैं आवेदन
MC²+ Ignite में हिस्सा लेने के इच्छुक पात्र स्टार्टअप्स के लिए आवेदन प्रक्रिया जारी है। आवेदन की अंतिम तारीख 31 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है।
स्टार्टअप्स के लिए यह कार्यक्रम खास तौर पर महत्वपूर्ण हो सकता है, क्योंकि एनर्जी डीप-टेक कंपनियों को अक्सर प्रोटोटाइप तैयार करने के साथ-साथ बड़े पैमाने पर टेस्टिंग, इंडस्ट्री वैलिडेशन और पायलट डिप्लॉयमेंट की जरूरत होती है।
ONGC की बड़ी भूमिका
MC²+ Ignite को ONGC के समर्थन के साथ शुरू किया गया है। इस पहल के जरिए भारत के ऊर्जा क्षेत्र में स्वदेशी तकनीक और इनोवेशन को बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है।
एनर्जी सेक्टर में डीप-टेक स्टार्टअप्स के सामने तकनीकी विकास के अलावा फील्ड टेस्टिंग और व्यावसायिक स्तर पर पहुंचने जैसी चुनौतियां रहती हैं। ऐसे में इंडस्ट्री और रिसर्च संस्थानों के साथ जुड़ाव इन कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
IIT Madras बनेगा इनोवेशन का अहम केंद्र
IIT Madras पहले से ही रिसर्च, इंजीनियरिंग और स्टार्टअप इनोवेशन के क्षेत्र में सक्रिय है। MC²+ Ignite के लॉन्च से ऊर्जा क्षेत्र में काम कर रहे डीप-टेक उद्यमियों को संस्थान के तकनीकी और रिसर्च इकोसिस्टम से जुड़ने का अवसर मिल सकता है।
कार्यक्रम का लक्ष्य भारत में विकसित ऊर्जा तकनीकों को बेहतर समर्थन देना और उन्हें वास्तविक बाजार की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है।
भारत के एनर्जी सेक्टर के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह पहल?
भारत में ऊर्जा की बढ़ती मांग के बीच नई तकनीकों की जरूरत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में डीप-टेक स्टार्टअप्स नई ऊर्जा प्रणालियों, दक्षता, इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य तकनीकी चुनौतियों के समाधान विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
MC²+ Ignite जैसे कार्यक्रम इन स्टार्टअप्स को फंडिंग, विशेषज्ञता और वास्तविक दुनिया में तकनीक का परीक्षण—तीनों स्तरों पर सहायता देने की कोशिश करते हैं।
अगर कार्यक्रम अपने उद्देश्य में सफल रहता है, तो इससे भारतीय स्टार्टअप्स द्वारा विकसित ऊर्जा तकनीकों को लैब और प्रोटोटाइप चरण से आगे बढ़ाकर व्यावसायिक उपयोग तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है।
