चमोली THDC सुरंग हादसा: उत्तराखंड के चमोली जिले से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। पिपलकोटी क्षेत्र में टीएचडीसी (THDC) की निर्माणाधीन सुरंग में अचानक पानी और मलबा घुसने से बड़ा हादसा हो गया। सुरंग के भीतर काम कर रहे कई मजदूर इसकी चपेट में आ गए। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन, NDRF और SDRF की टीमों ने मौके पर पहुंचकर युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।
हादसे में अब तक सात मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 22 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। घायलों का उपचार जिला अस्पताल गोपेश्वर में चल रहा है। गंभीर रूप से घायल एक मजदूर को बेहतर इलाज के लिए श्रीनगर बेस अस्पताल रेफर किया गया है।
कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के अनुसार, हादसा चमोली जिले के पिपलकोटी स्थित टीएचडीसी परियोजना की निर्माणाधीन टेल-रेस सुरंग में हुआ। सुरंग के भीतर निर्माण कार्य चल रहा था, तभी अचानक बड़ी मात्रा में पानी और मलबा अंदर आ गया। पानी का बहाव इतना तेज था कि अंदर काम कर रहे मजदूरों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका और कई लोग सुरंग के भीतर फंस गए।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन ने तुरंत राहत एवं बचाव एजेंसियों को सक्रिय किया। कुछ ही देर में पुलिस, NDRF और SDRF की टीमें मौके पर पहुंच गईं और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया।
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान निकाले गए 22 मजदूर
बचाव अभियान के दौरान सुरंग के भीतर फंसे मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास लगातार जारी रहा। अधिकारियों के मुताबिक अब तक 22 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है।
रेस्क्यू के दौरान निकाले गए 19 मजदूरों को तत्काल जिला अस्पताल गोपेश्वर पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद सात मजदूरों को मृत घोषित कर दिया। बाकी घायलों का इलाज अस्पताल में जारी है।
डॉक्टरों के अनुसार, एक मजदूर की हालत गंभीर होने के कारण उसे बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए श्रीनगर बेस अस्पताल रेफर किया गया है।
सुरंग के अंदर चुनौतीपूर्ण रहा राहत कार्य
रेस्क्यू अभियान आसान नहीं था। NDRF अधिकारियों के मुताबिक जब टीम सुरंग के भीतर पहुंची तो वहां काफी मात्रा में पानी जमा था। इतना ही नहीं, सुरंग के किनारों से लगातार पानी अंदर आता रहा, जिससे बचाव अभियान और अधिक कठिन हो गया।
बचाव दल ने विशेष उपकरणों की मदद से सुरंग के भीतर फंसे मजदूरों तक पहुंचने का प्रयास किया। लगातार बढ़ते पानी और मलबे के बावजूद टीमों ने अभियान जारी रखा और कई मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता हासिल की।
हादसे के समय सुरंग में 20 से 22 मजदूर थे मौजूद
टीएचडीसी के परियोजना अधिकारियों के अनुसार, हादसे के समय सुरंग के भीतर लगभग 20 से 22 मजदूर काम कर रहे थे। अचानक पानी आने के कारण सुरंग के टेल-रेस हिस्से में मलबा भर गया और स्थिति गंभीर हो गई।
हादसे के बाद सभी संबंधित एजेंसियों को तुरंत सूचना दी गई, जिसके बाद राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार ले रहे हैं अपडेट
घटना के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून स्थित राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण कार्यालय से पूरे घटनाक्रम की निगरानी की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राहत एवं बचाव कार्य में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए और सभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग किया जाए।
मुख्यमंत्री लगातार अधिकारियों से स्थिति की जानकारी लेते रहे और प्रभावित मजदूरों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
अस्पताल में चल रहा घायलों का उपचार
जिला अस्पताल गोपेश्वर में भर्ती घायलों का इलाज जारी है। चिकित्सकों की टीम सभी घायलों की निगरानी कर रही है। गंभीर घायल मजदूर को उच्च चिकित्सा सुविधा के लिए श्रीनगर बेस अस्पताल भेजा गया है।
प्रशासन की ओर से अस्पताल में भी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं ताकि घायलों को समय पर उपचार मिल सके।
राहत एवं बचाव अभियान जारी
हालांकि बड़ी संख्या में मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, लेकिन प्रशासन और राहत एजेंसियां अभी भी पूरी सतर्कता के साथ मौके पर मौजूद हैं। सुरंग के भीतर की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त संसाधनों का भी उपयोग किया जा रहा है।
प्रशासन का कहना है कि स्थिति पूरी तरह सामान्य होने तक राहत एवं बचाव अभियान जारी रहेगा।
