हरिद्वार: धर्मनगरी हरिद्वार में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक और नया धार्मिक आकर्षण जुड़ गया है। ओम पुल के पास भगवान शिव की 21 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा स्थापित की गई है। सोमवार को सावन के अंतिम सोमवार के अवसर पर उत्तर प्रदेश के सिंचाई मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के बीच प्रतिमा का लोकार्पण किया।
ओम पुल और गंगा नहर के आसपास स्थापित की गई इस विशाल प्रतिमा से इलाके की धार्मिक और दृश्यात्मक पहचान को नया रूप मिला है। प्रतिमा के साथ परिसर में शिवलिंग युक्त मंदिर की स्थापना की जानकारी भी सामने आई है। कार्यक्रम के दौरान पूरा क्षेत्र हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से गूंज उठा।
21 फीट ऊंची है भगवान शिव की प्रतिमा
ओम पुल के पास स्थापित भगवान शिव की प्रतिमा की ऊंचाई 21 फीट है। इसे एफआरपी (Fiber Reinforced Plastic) से तैयार किया गया है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक प्रतिमा की अनुमानित उम्र करीब 100 वर्ष बताई गई है। इसका उद्देश्य केवल धार्मिक आस्था से जुड़ा स्थल तैयार करना ही नहीं, बल्कि ओम पुल और आसपास के क्षेत्र के सौंदर्यीकरण को भी बढ़ावा देना है।
प्रतिमा को ऐसे स्थान पर स्थापित किया गया है जहां से हर दिन बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, तीर्थयात्री और पर्यटक गुजरते हैं। ऐसे में आने वाले समय में यह स्थान हरिद्वार के नए फोटो और पर्यटन प्वाइंट के तौर पर भी पहचान बना सकता है।
क्रेन में चढ़कर स्वतंत्र देव सिंह ने किया अनावरण
प्रतिमा का लोकार्पण भी खास अंदाज में हुआ। उत्तर प्रदेश के सिंचाई मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने धार्मिक विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने क्रेन में खड़े होकर भगवान शिव की प्रतिमा का अनावरण किया।
मंत्री ने प्रतिमा के अनावरण को शुभ अवसर बताते हुए कहा कि यहां नियमित रूप से शिव स्तुति और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इससे इस क्षेत्र का आध्यात्मिक वातावरण और मजबूत होने की उम्मीद है।
प्रतिमा के साथ मंदिर की भी स्थापना
इस कार्यक्रम में केवल शिव प्रतिमा का अनावरण ही नहीं हुआ। उपलब्ध जानकारी के अनुसार परिसर में शिवलिंग युक्त भगवान शिव के मंदिर की भी स्थापना की गई है। धार्मिक अनुष्ठानों और मंत्रोच्चार के साथ शिवलिंग की स्थापना की गई।
इससे ओम पुल के आसपास का यह क्षेत्र केवल एक प्रतिमा स्थल न रहकर धार्मिक गतिविधियों के लिए भी महत्वपूर्ण बन सकता है।
ओम पुल की खूबसूरती में जुड़ेगा नया अध्याय
ओम पुल हरिद्वार के प्रमुख आकर्षणों में अपनी अलग पहचान बना चुका है। अब इसके पास भगवान शिव की विशाल प्रतिमा स्थापित होने से यहां का दृश्य और भी भव्य हो गया है।
उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, प्रतिमा की स्थापना क्षेत्र के सौंदर्यीकरण और विकास कार्यों का हिस्सा है। प्रतिमा और ओम पुल के आसपास रखरखाव की व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जाएगा।
धार्मिक पर्यटन के लिहाज से भी यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हरिद्वार में देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह स्थान अब एक अतिरिक्त पड़ाव बन सकता है।
कुंभ की तैयारियों से भी जुड़ा है संदेश
प्रतिमा के लोकार्पण कार्यक्रम में हरिद्वार में होने वाले आगामी कुंभ मेले की तैयारियों को लेकर भी बात हुई। स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार, उत्तराखंड सरकार के साथ मिलकर कुंभ से जुड़े कार्यों में हरसंभव सहयोग करेगी।
हरिद्वार में बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए शहर के सौंदर्यीकरण, आधारभूत सुविधाओं और धार्मिक स्थलों के विकास पर लगातार काम किया जा रहा है।
भीमगोड़ा बैराज का मुद्दा भी उठा
कार्यक्रम के दौरान स्वतंत्र देव सिंह ने भीमगोड़ा बैराज से जुड़ी सीपेज की समस्या का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि बैराज के गेट बंद किए बिना गेट बदलने का काम किया गया है और इससे उत्तर प्रदेश के करीब 15 जिलों में सिंचाई व्यवस्था को लाभ मिलने की बात कही। उन्होंने बंधों को मजबूत किए जाने से बाढ़ के खतरे को कम करने की भी जानकारी दी।
हरिद्वार में नया धार्मिक लैंडमार्क
ओम पुल के पास 21 फीट ऊंची शिव प्रतिमा की स्थापना से हरिद्वार के धार्मिक पर्यटन मानचित्र में एक नया स्थल जुड़ गया है। प्रतिमा, मंदिर और आसपास का गंगा नहर क्षेत्र आने वाले समय में श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकता है।
खास बात यह है कि यह पहल केवल प्रतिमा लगाने तक सीमित नहीं है। यहां नियमित धार्मिक गतिविधियों की योजना और क्षेत्र के सौंदर्यीकरण के साथ इसे आस्था, पर्यटन और स्थानीय विकास से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
नोट: मैंने जानबूझकर आपके raw content की भाषा और दूसरे पोर्टलों की कॉपी नहीं की है। हालांकि 21 फीट, FRP, करीब 100 साल की अनुमानित लाइफ, स्वतंत्र देव सिंह का लोकार्पण, शिवलिंग मंदिर और कुंभ सहयोग जैसे तथ्य रिपोर्टों से लिए गए हैं, इसलिए इन्हें तथ्यात्मक रूप से ही रखा गया है।
