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Uttarakhand Weather: नैनीताल में कोहरा, चंपावत में 5 घंटे से मूसलाधार बारिश; काशीपुर में जलभराव से स्कूली बच्चे परेशान

Uttarakhand Weather: नैनीताल में बारिश के साथ कोहरा, चंपावत में रात से तेज बारिश और काशीपुर में जलभराव से स्कूली बच्चे परेशान हैं। जानें पूरे उत्तराखंड का मौसम अपडेट।

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Uttarakhand Weather News: उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। कुमाऊं मंडल के कई इलाकों में रात से लगातार बारिश हो रही है। नैनीताल में बारिश के साथ सुबह घना कोहरा छाया रहा, जबकि चंपावत में रात करीब 1:30 बजे से तेज बारिश का सिलसिला जारी है। काशीपुर में लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव हो गया, जिससे मंगलवार सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों और उनके अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं रुद्रपुर में भी बारिश जारी रहने से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।

नैनीताल में बारिश के साथ छाया घना कोहरा

नैनीताल में सोमवार देर रात से बारिश का दौर जारी है। मंगलवार सुबह बारिश के बीच शहर के कई हिस्सों में कोहरा छाया रहा। पहाड़ी इलाकों में बारिश और कोहरे के कारण दृश्यता कम होने से वाहन चालकों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ी।

सुबह के समय सड़कों पर कोहरे की चादर दिखाई दी। बारिश और कम दृश्यता के कारण नैनीताल आने-जाने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। पहाड़ी मार्गों पर मौसम खराब होने के दौरान वाहन चलाते समय गति नियंत्रित रखना जरूरी है, क्योंकि बारिश के साथ सड़क पर फिसलन और अचानक मलबा आने का खतरा बना रहता है।

चंपावत में रात 1:30 बजे से तेज बारिश

चंपावत में मौसम का असर सबसे ज्यादा देखने को मिला। यहां रात करीब 1:30 बजे से तेज बारिश का दौर जारी है। लगातार कई घंटों तक हुई बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है।

बारिश के चलते राष्ट्रीय राजमार्ग समेत कई सड़कों पर जगह-जगह मलबा और बोल्डर गिरने की स्थिति सामने आई है। हालांकि, आपदा कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार फिलहाल किसी सड़क के पूरी तरह बंद होने की सूचना नहीं है।

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लगातार बारिश को देखते हुए पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। बारिश के दौरान पहाड़ों में भूस्खलन और पत्थर गिरने की घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।

टनकपुर-जौलजीबी मार्ग पर भी पड़ा था असर

इससे पहले बारिश के कारण टनकपुर-जौलजीबी सड़क भी प्रभावित हुई थी। मार्ग पर मलबा आने के कारण आवाजाही बाधित हुई थी और देर शाम तक सड़क को खोलने का काम जारी था।

लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क व्यवस्था को बनाए रखना प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है। ऐसे में यात्रियों को किसी भी यात्रा से पहले मार्ग की स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी जाती है।

काशीपुर में जलभराव, स्कूल जाने वाले बच्चों की बढ़ी परेशानी

मैदानी क्षेत्र काशीपुर में भी रात से लगातार बारिश हो रही है। बारिश के कारण शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई।

सबसे ज्यादा परेशानी मंगलवार सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों को हुई। कई सड़कों पर पानी जमा होने के कारण बच्चों को स्कूल पहुंचने में दिक्कत आई। अभिभावकों को भी बारिश के बीच बच्चों को सुरक्षित स्कूल तक पहुंचाने के लिए अतिरिक्त मशक्कत करनी पड़ी।

जलभराव के कारण पैदल चलने वालों के साथ-साथ दोपहिया वाहन चालकों को भी परेशानी हुई। कई जगह सड़क और जलभराव वाले हिस्से में अंतर करना मुश्किल हो गया।

रुद्रपुर में भी जारी है बारिश

रुद्रपुर में भी बारिश का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। लगातार बारिश के कारण शहर के सामान्य कामकाज पर असर पड़ा है। सुबह के समय बारिश के बीच लोगों को अपने जरूरी कामों के लिए घर से निकलना पड़ा।

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बारिश का असर यातायात पर भी देखने को मिल रहा है। लगातार पानी गिरने से सड़कों पर फिसलन बढ़ गई है, ऐसे में वाहन चालकों को सावधानी से सफर करने की जरूरत है।

पहाड़ से मैदान तक मौसम का बदला मिजाज

उत्तराखंड में एक ही समय पर पहाड़ी और मैदानी दोनों क्षेत्रों में बारिश का असर दिखाई दे रहा है। नैनीताल में जहां बारिश के साथ कोहरे ने मुश्किल बढ़ाई है, वहीं चंपावत में लंबे समय से जारी तेज बारिश ने जनजीवन प्रभावित किया है। दूसरी ओर काशीपुर जैसे मैदानी क्षेत्रों में जलभराव लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है।

पत्रकार की नजर से, लगातार बारिश के दौरान सबसे बड़ी चिंता सिर्फ जलभराव नहीं बल्कि पहाड़ी इलाकों में सड़क सुरक्षा और भूस्खलन का खतरा है। प्रशासन की ओर से सड़कों की निगरानी जरूरी है, वहीं लोगों को भी मौसम खराब होने पर अनावश्यक यात्रा से बचना चाहिए। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को बारिश के दौरान सुरक्षित रखना प्राथमिकता होनी चाहिए।

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