देहरादून/रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड की अनुभा वशिष्ठ [Anubha Vashisth] ने मिस यूनिवर्स इंडिया 2026 के मंच पर अपनी पहचान मजबूत करते हुए देश की शीर्ष पांच फाइनलिस्ट में जगह बनाई। केरल की काजिया लिज मैजो ने खिताब अपने नाम किया, जबकि अनुभा वशिष्ठ ने चौथी रनर-अप के रूप में प्रतियोगिता का सफर पूरा किया।
लेकिन अनुभा की कहानी सिर्फ एक ब्यूटी पेजेंट के फाइनल तक पहुंचने की नहीं है। उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करने वाली अनुभा इससे पहले भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखा चुकी हैं और 2026 में उन्होंने मिस यूनिवर्स उत्तराखंड का खिताब जीतकर राष्ट्रीय मंच तक का सफर तय किया।
रुद्रप्रयाग से राष्ट्रीय मंच तक का सफर
अनुभा वशिष्ठ को उत्तराखंड से जुड़ी उपलब्धियों के कारण प्रदेश में खास पहचान मिली है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने मिस यूनिवर्स उत्तराखंड 2026 का खिताब जीतकर मिस यूनिवर्स इंडिया के राष्ट्रीय मंच पर राज्य का प्रतिनिधित्व किया।
उनकी यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण रही क्योंकि वह पहले भी मिस यूनिवर्स इंडिया प्रतियोगिता में हिस्सा ले चुकी थीं। 2024 में वह प्रतियोगिता की टॉप-20 फाइनलिस्ट में शामिल रही थीं। इसके बाद उन्होंने दोबारा प्रतियोगिता में वापसी की और इस बार उत्तराखंड का राज्य खिताब जीतकर राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचीं।
मुख्यमंत्री धामी ने भी किया सम्मानित

मिस यूनिवर्स उत्तराखंड 2026 का खिताब जीतने के बाद अनुभा वशिष्ठ को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी सम्मानित किया था। मुख्यमंत्री ने उनकी उपलब्धि पर बधाई देते हुए राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दी थीं।
इस मुलाकात के दौरान अनुभा ने उत्तराखंड की संस्कृति, विरासत और मूल्यों को बड़े मंच पर प्रस्तुत करने की इच्छा जताई थी। उनके लिए यह सफर केवल ताज हासिल करने तक सीमित नहीं था, बल्कि अपने राज्य को राष्ट्रीय पहचान दिलाने का अवसर भी था।
कौन हैं अनुभा वशिष्ठ?

अनुभा वशिष्ठ एक मॉडल और प्रोफेशनल मेकअप एजुकेटर के रूप में भी काम करती हैं। उनकी पहचान फैशन और ब्यूटी इंडस्ट्री से जुड़ी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वह कला और संस्कृति में भी रुचि रखती हैं।
उनकी आधिकारिक सोशल मीडिया प्रोफाइल पर भी उन्हें Miss Universe Uttarakhand 2026 के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
उनकी यात्रा में मॉडलिंग, ब्यूटी और पेजेंट्री के साथ-साथ व्यक्तिगत विकास भी अहम हिस्सा रहा है। मिस यूनिवर्स इंडिया के एक इंटरव्यू में अनुभा ने अपनी सोच और व्यक्तित्व को एक पेड़ से जोड़ते हुए बताया कि उनकी जड़ें मूल्यों, अनुशासन और साहस में हैं।
2024 के बाद 2026 में और मजबूत होकर लौटीं
अनुभा की मिस यूनिवर्स इंडिया की यात्रा नई नहीं है। वह 2024 के संस्करण में भी प्रतियोगिता का हिस्सा बनी थीं और टॉप-20 तक पहुंची थीं।
इसके बाद उन्होंने अपने अनुभव को आगे बढ़ाया। 2026 में मिस यूनिवर्स उत्तराखंड का खिताब जीतना उनके लिए राष्ट्रीय मंच पर दोबारा पहुंचने का रास्ता बना। इस बार उन्होंने देशभर से आई प्रतिभागियों के बीच खुद को टॉप-5 में स्थापित किया।
मिस यूनिवर्स इंडिया 2026 में टॉप-5 में उत्तराखंड
जयपुर में आयोजित मिस यूनिवर्स इंडिया 2026 के ग्रैंड फिनाले में देश के अलग-अलग राज्यों से आई प्रतिभागियों के बीच कड़ा मुकाबला हुआ।
टॉप-5 में शामिल प्रतिभागियों में:
- विजेता: काजिया लिज मैजो – केरल
- फर्स्ट रनर-अप: वैष्णवी गणेश – तमिलनाडु
- सेकंड रनर-अप: अनुश्री सतवालेकर – गुजरात
- थर्ड रनर-अप: तेजस्विनी श्रीवास्तव – महाराष्ट्र
- फोर्थ रनर-अप: अनुभा वशिष्ठ – उत्तराखंड
इस तरह अनुभा ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उत्तराखंड की मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई।
अनुभा के लिए क्यों खास है यह उपलब्धि?
उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य से राष्ट्रीय स्तर की सौंदर्य प्रतियोगिता के अंतिम पांच में पहुंचना अनुभा के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे पहले उन्होंने राज्य स्तर पर अपनी जगह बनाई, मुख्यमंत्री से सम्मान प्राप्त किया और फिर देश के बड़े मंच पर उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व किया।
उनकी कहानी यह भी दिखाती है कि किसी प्रतियोगिता में पहला प्रयास अंतिम मंजिल नहीं होता। 2024 में टॉप-20 तक पहुंचने के बाद अनुभा ने 2026 में वापसी की और इस बार टॉप-5 में अपनी जगह बनाई।
उत्तराखंड की संस्कृति को बड़े मंच तक ले जाने का सपना
अनुभा ने अपने सफर के दौरान उत्तराखंड की संस्कृति और विरासत को राष्ट्रीय मंच पर सामने रखने की इच्छा व्यक्त की है। उनके लिए राज्य का प्रतिनिधित्व केवल प्रतियोगिता में हिस्सा लेना नहीं, बल्कि पहाड़ की पहचान, संस्कृति और मूल्यों को देश के सामने रखने का माध्यम भी है।
अब मिस यूनिवर्स इंडिया 2026 में फोर्थ रनर-अप बनने के बाद अनुभा का पेजेंट्री सफर एक नए मुकाम पर पहुंच गया है। उत्तराखंड के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि राज्य की एक बेटी ने देश की सबसे चर्चित सौंदर्य प्रतियोगिताओं में से एक के अंतिम पांच में जगह बनाकर राष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान दर्ज कराई है।
