Almora News: उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के लमगड़ा ब्लॉक स्थित राजकीय इंटर कॉलेज पुभाऊं में कक्षा 6 की छात्रा के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि गृहकार्य पूरा नहीं करने पर एक अतिथि शिक्षिका ने छात्रा की कथित तौर पर बेंत से पिटाई की। घटना के बाद छात्रा के शरीर पर चोट के निशान दिखाई देने की बात सामने आई है। मामले ने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और अनुशासन के नाम पर शारीरिक दंड को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
होमवर्क पूरा नहीं करने पर पिटाई का आरोप
मिली जानकारी के अनुसार, कक्षा छह में पढ़ने वाली छात्रा पिछले कुछ दिनों से दिया गया गृहकार्य पूरा करके विद्यालय नहीं ला रही थी। इसी को लेकर शिक्षिका ने उसे डांटा। आरोप है कि इसके बाद छात्रा की बेंत से पिटाई की गई।
स्कूल की छुट्टी के बाद जब छात्रा घर पहुंची तो परिजनों ने उसके शरीर पर चोट के निशान देखे। इसके बाद परिजन मामले को लेकर विद्यालय पहुंचे। घटना की जानकारी सामने आने पर स्थानीय ग्रामीणों में भी नाराजगी देखने को मिली और संबंधित शिक्षिका के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठी।
छात्रा की तस्वीर और वीडियो सामने आने के बाद बढ़ी चर्चा
मामले से जुड़ा छात्रा का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद घटना चर्चा में आ गई। वीडियो में छात्रा के शरीर पर चोट के निशान दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, वीडियो में दिखाई दे रहे निशानों और उनसे जुड़े सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
ऐसे में घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता जांच के बाद ही चल सकेगा। शिक्षा विभाग ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए हैं।
छह किलोमीटर दूर से स्कूल पहुंचती है छात्रा
मामले के बीच यह जानकारी भी सामने आई है कि छात्रा रोजाना करीब छह किलोमीटर की दूरी तय कर विद्यालय पहुंचती है। पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण स्कूल तक पहुंचने में उसे काफी समय लगने की बात कही गई है। सोशल मीडिया पर छात्रा के करीब दो घंटे पैदल चलकर स्कूल पहुंचने की बात भी कही जा रही है, हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल सामने नहीं आई है।
यही वजह है कि मामला केवल कथित मारपीट तक सीमित नहीं रह गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों के लिए स्कूल तक पहुंचने की कठिनाइयों, शिक्षा के माहौल और विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
प्रधानाचार्य ने भी माना, छात्रा को पीटना गलत
विद्यालय के प्रधानाचार्य मारकंडे शुक्ला के अनुसार, छात्रा के गृहकार्य को लेकर शिक्षिका द्वारा उसे डांटने और पिटाई किए जाने की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि छात्रा को पीटना उचित नहीं है। परिजनों की शिकायत के बारे में उच्चाधिकारियों को भी जानकारी दे दी गई है।
शिक्षा विभाग करेगा मामले की जांच
खंड शिक्षा अधिकारी लमगड़ा की ओर से मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, विद्यालय जाकर घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी ली जाएगी। छात्रा, उसके परिजनों और विद्यालय से जुड़े पक्षों से जानकारी लेने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
शिक्षा विभाग ने यह भी कहा है कि यदि जांच में छात्रा की पिटाई के आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित अतिथि शिक्षिका के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बच्चों को अनुशासन चाहिए, डर नहीं
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि स्कूलों में अनुशासन बनाए रखने के लिए बच्चों के साथ किस तरह का व्यवहार किया जाना चाहिए। गृहकार्य पूरा नहीं करना निश्चित रूप से शिक्षक के लिए चिंता का विषय हो सकता है, लेकिन किसी भी शिकायत की स्थिति में बच्चे की सुरक्षा और गरिमा को प्राथमिकता देना जरूरी है।
फिलहाल इस मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट आने के बाद ही निकलेगा। यदि आरोप सही साबित होते हैं तो कार्रवाई की मांग करने वाले ग्रामीणों और परिजनों की नजर अब शिक्षा विभाग की जांच पर है।
