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Roorkee News: चाइनीज मांझे ने ली 26 वर्षीय युवक की जान, बाइक से बहन के घर जाते समय हुआ दर्दनाक हादसा

चाइनीज मांझा हादसा रुड़की में बाइक से बहन के घर जा रहे 26 वर्षीय दीपक की गर्दन मांझे की चपेट में आने से कट गई। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

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चाइनीज मांझा हादसा रुड़की

उत्तराखंड के रुड़की से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। यहां बाइक से अपनी बहन के घर जा रहे 26 वर्षीय युवक की गर्दन चाइनीज मांझे की चपेट में आने से कट गई। गंभीर रूप से घायल युवक को आसपास के लोगों ने अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

इस हादसे के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। युवक अपने पीछे पत्नी और दो छोटी बेटियों को छोड़ गया है। उसकी दोनों बेटियों की उम्र महज तीन साल और डेढ़ साल बताई गई है। घटना ने एक बार फिर सड़क पर उड़ने वाले चाइनीज मांझे के खतरनाक रूप को सामने ला दिया है।

बहन के घर जाते समय मांझे की चपेट में आया युवक

जानकारी के मुताबिक मृतक की पहचान दीपक (26) पुत्र मुन्ना सिंह, निवासी शिकारपुर के रूप में हुई है। बताया गया कि सोमवार शाम करीब 5 बजे दीपक बाइक से अपने घर से करीब छह किलोमीटर दूर नगला इमरती में अपनी बहन के घर जा रहा था।

इसी दौरान नगला इमरती अंडरपास से पहले वह अचानक चाइनीज मांझे की चपेट में आ गया। मांझा उसकी गर्दन में फंस गया और गर्दन कटने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

सड़क पर गिरा युवक, अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया

मांझे की चपेट में आने के बाद दीपक बुरी तरह लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़ा। हादसा देखकर आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

घायल दीपक को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी हालत बेहद गंभीर थी। चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

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हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

दो छोटी बेटियों के सिर से उठा पिता का साया

दीपक की मौत ने उसके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। वह अपने पीछे पत्नी और दो छोटी बेटियों को छोड़ गया है। दोनों बेटियों की उम्र करीब तीन साल और डेढ़ साल बताई गई है।

एक परिवार के लिए इससे बड़ा दुख शायद ही कुछ हो सकता है। कुछ ही पलों में एक सड़क हादसे ने दो मासूम बच्चियों से उनके पिता को छीन लिया। घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

ग्रामीणों के अनुसार दीपक मेहनत-मजदूरी करके अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। परिवार की आर्थिक स्थिति भी मजबूत नहीं बताई जा रही है। ऐसे में उसकी मौत से परिवार के सामने भावनात्मक दुख के साथ आर्थिक मुश्किलें भी खड़ी हो गई हैं।

चाइनीज मांझा बना जान का दुश्मन

चाइनीज मांझा सामान्य पतंग की डोर से काफी अलग और खतरनाक माना जाता है। इस घटना में इसका सबसे दर्दनाक असर देखने को मिला। बाइक पर जा रहे दीपक को शायद अंदाजा भी नहीं रहा होगा कि सड़क पर नजर न आने वाली एक डोर उसकी जान ले सकती है।

यही इस घटना की सबसे चिंताजनक बात है। सड़क पर वाहन चलाने वाले लोगों के लिए ऐसी डोर अचानक सामने आती है और संभलने का मौका तक नहीं देती।

ग्रामीणों में भी घटना को लेकर गम

दीपक की मौत की खबर जैसे ही गांव में पहुंची, लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने परिवार के प्रति संवेदना जताई। स्थानीय लोगों के मुताबिक दीपक मेहनत करके अपने परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहा था।

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एक सामान्य परिवार के युवक की इस तरह मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है।

पुलिस ने शुरू की कार्रवाई

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई जा रही है।

फिलहाल इस घटना ने सड़क पर चाइनीज मांझे से पैदा होने वाले खतरे को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पत्रकार की राय

यह हादसा सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं है। यह उन खतरों की याद दिलाता है जो सड़क पर चलते किसी भी व्यक्ति के सामने अचानक आ सकते हैं। बाइक सवार दीपक अपने परिवार से मिलने जा रहा था, लेकिन रास्ते में एक ऐसी डोर उसकी जिंदगी की आखिरी वजह बन गई।

सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि उसके पीछे दो बेहद छोटी बेटियां रह गई हैं। तीन साल और डेढ़ साल की उम्र में पिता को खोना उनके लिए क्या मायने रखता है, इसकी कल्पना करना भी मुश्किल है।

पतंग उड़ाना खुशी और मनोरंजन का हिस्सा हो सकता है, लेकिन ऐसी डोर किसी की जान की कीमत पर नहीं होनी चाहिए। दीपक की मौत इस बात की गंभीर याद दिलाती है कि लापरवाही से इस्तेमाल की गई पतंग की डोर सड़क पर किसी के लिए भी जानलेवा बन सकती है।

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