अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस उत्तराखंड: अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस के मौके पर उत्तराखंड में युवाओं को जागरूक करने के उद्देश्य से देहरादून के राजीव गांधी नवोदय विद्यालय, तपोवन रोड, लाडपुर में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन उत्तराखंड राज्य एड्स नियंत्रण समिति और चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, उत्तराखंड सरकार की ओर से किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि डॉ. सुनीता भट्ट और अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर की।
शिक्षा, नेतृत्व और नवाचार पर दिया गया जोर
कार्यक्रम में डॉ. अमित शुक्ला, शिक्षाविद ललित जोशी, शांतनु बिष्ट और महेंद्र कुमार सहित कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे। इसके अलावा सीआईएमएस एंड यूआईएचएमटी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज, स्टेट कॉलेज ऑफ नर्सिंग, राजीव गांधी नवोदय विद्यालय, यूथ रेडक्रॉस और भारतीय रेडक्रॉस समिति के छात्र-छात्राओं ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया।
अपने संबोधन में शिक्षाविद ललित जोशी ने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल अच्छी शिक्षा और रोजगार तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि नवाचार, नेतृत्व और उद्यमिता के क्षेत्र में भी आगे बढ़ना चाहिए। उनके अनुसार, जब युवा नए विचारों के साथ आगे आते हैं तो समाज और राष्ट्र दोनों को उसका लाभ मिलता है।
युवाओं से नशे और अपराध से दूर रहने की अपील
कार्यक्रम के दौरान युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के बारे में भी जागरूक किया गया। ललित जोशी ने कहा कि नशे की आदत केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान नहीं पहुंचाती, बल्कि उसकी पढ़ाई, करियर, पारिवारिक जीवन और सामाजिक व्यवहार पर भी असर डालती है। कई बार यही आदत हिंसा और अपराध जैसी समस्याओं की वजह भी बन सकती है।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे नशे से दूरी बनाए रखें और अपने आसपास के लोगों को भी इसके नुकसान के बारे में जागरूक करें। उनका कहना था कि एक स्वस्थ और जागरूक युवा ही देश के विकास में प्रभावी भूमिका निभा सकता है।
एचआईवी और एड्स को लेकर दी गई महत्वपूर्ण जानकारी
कार्यक्रम में डॉ. अमित शुक्ला ने छात्र-छात्राओं को एचआईवी और एड्स से बचाव के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि युवा वर्ग इस विषय में जागरूकता फैलाने, स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने और समाज में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
मुख्य अतिथि डॉ. सुनीता भट्ट ने भी युवाओं से भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक शिक्षा और नई तकनीक के साथ अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़े रहना भी उतना ही जरूरी है।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए दिया गया जागरूकता का संदेश
कार्यक्रम में हंसा नृत्य एवं नाट्य कला मंच ने एचआईवी/एड्स और नशे के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। विभिन्न शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राओं ने भी अपने विचार साझा किए और युवाओं को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में डॉ. प्रेमलता वर्मा, एकता उपाध्याय, संदीप सिंह, नारायण सिंह राणा, सौरभ सहगल, ओम प्रकाश सिंह, जगदीश अधिकारी, विनोद कुमार, एम.ओ. जावेद सहित कई विभागों और संस्थाओं के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
यह कार्यक्रम युवाओं को स्वास्थ्य, सामाजिक जिम्मेदारी और सकारात्मक जीवनशैली के प्रति जागरूक करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा। कार्यक्रम में वक्ताओं ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि यदि युवा शिक्षा, कौशल और अच्छे मूल्यों के साथ आगे बढ़ेंगे तो वे समाज और राष्ट्र के विकास में बड़ी भूमिका निभा सकेंगे।
